मिलों की खरीद से उड़द एवं चना मजबूत, चना की सरकारी खरीद के लिए भाव तय
नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के साथ ही दाल मिलों की खरीद से घरेलू बाजार में गुरुवार को उड़द के साथ ही देसी मसूर की कीमतों में तेजी आई, जबकि इस दौरान अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख देखा गया। स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से चना एवं मूंग के भाव नरम हुए।
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान से चना की खरीद के लिए भाव तय कर दिए हैं। खाद्वय एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश से चना की खरीद 5,900 रुपये, महाराष्ट्र से चना की खरीद 6,035 रुपये और राजस्थान से चना की खरीद के लिए 6,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया है। इन भाव पर चना की खरीद नेफेड के अलावा एनसीसीएफ द्वारा की जायेगी। चना की खरीद इन भाव पर अगले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार लगभग 2 लाख टन चने का आयात करने पर विचार कर रही है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू एवं एफएक्यू की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी बढ़ गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 10 डॉलर तेज होकर दाम 1,070 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर तेज होकर 1,160 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 5 डॉलर बढ़कर 1,365 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।
चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतों में डॉलर में लगातार दूसरे दिन आई तेजी से घरेलू बाजार में शाम के सत्र में इसके भाव तेज हो गए। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते महंगे हुए है इसलिए आयातक दाम तेज कर रहे हैं। इसलिए उड़द की इसकी कीमतों में हल्की तेजी और भी बन सकती है, लेकिन एकतरफा एकतरफा बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। वैसे भी उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा मई एवं जून में आमतौर पर मांग कम रहती है। दाम मिलें उड़द की केवल जरुरत के हिसाब से ही कर रही है, क्योंकि समर उड़द की आवक मंडियों में पहले की तुलना में बढ़ी है। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं।
गुजरात की राजकोट मंडी में नई उड़द का व्यापार 9,750 रुपये प्रति क्विंटल की दर हुआ।
आयातित लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में तेज हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में आयातित के दाम स्थिर ही बने रहे। हालांकि देसी अरहर के दाम कई मंडियों में तेज हुए। जानकारों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं। चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। अत: इसकी कीमतों में हल्की तेजी बन सकती है, हालांकि तेजी में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा चना की खरीद के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य तय करने से भाव में सुधार आया है। चना की खरीद अगले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है इसलिए हल्का सुधार और भी बन सकता है। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। उधर ऑस्ट्रेलिया में दाम तेज होने के कारण आयात पड़ते महंगे हुए हैं, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है। चना में नीचे दाम पर खरीद करके व्यापार करना चाहिए।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये घटकर 3,950 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये कम होकर 3,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही आयातित मसूर के दाम बंदरगाह पर स्थिर हो गए। व्यापारी मसूर में अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहने की उम्मीद है। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। हालांकि आयातित मसूर देसी की तुलना में ऊंचे दाम पर बिक रही है।
उत्पादक मंडियों में मूंग की कीमतें दूसरे दिन स्थिर से नरम हुई। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है साथ ही मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है। वैसे भी मई के अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 75 रुपये तेज होकर 9,600 से 9,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 9,000 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 75 रुपये बढ़कर 9,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,375 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 75 रुपये बढ़कर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 9,050 से 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 10,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर और दाहोद मंडी में तेज हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 10,900 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,225 से 11,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,350 से 11,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,000 से 10,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,000 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 6,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये बढ़कर 6,425 से 6,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 25 रुपये तेज होकर 6,400 से 6,425 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 50 रुपये घटकर 8,000 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।