केंद्र सरकार की सख्ती से दलहन की कीमतों पर दबाव, आयातित अरहर एवं उड़द मंदी

नई दिल्ली। बढ़ी हुई कीमतों में दाल मिलों की खरीद घटने से घरेलू बाजार में शनिवार को आयातित अरहर एवं उड़द की कीमतों में गिरावट आई, जबकि इस दौरान मूंग तथा देसी मसूर दाम तेज हो गए। चना की कीमतें लगभग स्थिर बनी रही।

महंगाई से लड़ाई में केंद्र सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी।

केंद्र सरकार ने 31.03.2025 तक देसी चना के आयात पर शुल्क को शून्य कर दिया है।

केंद्र सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को 30.06.2024 से बढ़ाकर 31.10.2024 तक कर दिया है।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू के भाव पांच डॉलर कमजोर हुए, जबकि एफएक्यू में 15 डॉलर की तेजी आई। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 10 डॉलर तेज होकर दाम 1,060 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव पांच डॉलर कमजोर होकर भाव 1,140 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,350 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतों में डॉलर में मिलाजुला रुख रहा, लेकिन घरेलू बाजार में दाम मिलों की खरीद कमजोर होने से आयातित के दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार चालू महीने के मध्य तक समर उड़द की आवक मंडियों में बढ़ेगी। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं तथा बर्मा में उड़द का स्टॉक भी ज्यादा है। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। हालांकि उड़द के आयात पड़ते महंगे है जिस कारण आयातक दाम तेज करना चाहते हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन एकतरफा एकतरफा बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। वैसे भी उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा मई एवं जून में आमतौर पर मांग कम रहती है।

मध्य प्रदेश की जबलपुर मंडी नई ग्रीष्मकालीन उड़द की 100 से 150 क्विंटल की आवक हुई तथा इसका व्यापार 9,600 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ। पुरानी उड़द का व्यापार मंडी में 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

आयातित लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई, लेकिन घरेलू बाजार में इसके भाव कमजोर हुए। अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर भाव स्थिर ही बने रहे। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की टीम महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में अरहर के स्टॉक की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं। चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।

तमिलनाडु में राज्य सरकार ने 20 हजार टन अरहर दाल एवं पीली मसूर दाल की खरीद के लिए निविदा मांगी है।

केंद्र सरकार द्वारा चना के आयात को शुल्क मुक्त करने से कीमतों पर दबाव बनेगा। व्यापारियों के अनुसार चना में मौजूदा भाव में दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से खरीद कर रही है, हालांकि नीचे भाव में बिकवाली कम होने की  आशंका है। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। इसलिए मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट ने चालू सीजन में चना की खरीद अच्छी की हुई है। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी।

पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को बढ़ाने से इसकी कीमतों पर दबाव आया है। मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर दाम 4,225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये घटकर 4,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 4,075 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 4,275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम तेज हुए हैं हालांकि व्यापारी ज्यादा तेजी के पक्ष में नहीं है। व्यापारियों के अनुसार नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी ज्यादा है। हालांकि आयातित मसूर देसी की तुलना में ऊंचे दाम पर बिक रही है।

जयपुर में मूंग तेज हुई है, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में इसके दाम स्थिर बने रहे। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है साथ ही मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है। वैसे भी मई के अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,325 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर दाम 9,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

देसी अरहर की कीमतें उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये घटकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 11,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर 6,250 से 6,275 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,000 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 6,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 6,350 से 6,375 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 6,325 से 6,350 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 8,000 से 8,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये तेज होकर 8,200 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

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