Mustard Report-

श्री अनिल चत्तर ने कहा है कि मिल्स ऊंचे भाव पर सरसोँ की खरीद से लाचार है। डिस्परिटी कि वजह से 40 फीसदी मिल्स बन्द है । किसान नाफेड की खरीद से बची सरसोँ ही मंडी में बेच रहे है, इस वजह से मंडियों में सरसों की आवक कम बनी हुई है।

श्री अनिल चत्तर के अनुसार अप्रैल में सरसों मॉर्च के 13 लाख टन से घटकर 9 लाख टन होने की अकेली वजह अप्रैल में इम्पोर्ट बढना है। विदेश में भाव भी मंदि हुए और सप्लाई भी बढ़ी तो सरसोँ तेल की डिमांड गायब ही गई।
मॉर्च अप्रैल मे 40 लाख टन की आवक होने पर भी क्रश केवल 22 लाख टन ही हुआ है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *