सीमित व्यापार के बीच अरहर एवं उड़द के साथ ही देसी मसूर में गिरावट, चना तथा मूंग स्थिर
नई दिल्ली। लेबर डे की वजह से अवकाश होने के कारण सीमित व्यापार के बीच घरेलू बाजार में बुधवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही देसी मसूर में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चना तथा मूंग के दाम लगभग स्थिर हो गए।
महाराष्ट्र में प्रमुख दालों की कीमतों और स्टॉक पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को पत्र लिखा। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की दो टीमें दालों के स्टॉक के खुलासे के संबंध में जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए मुंबई, लातूर और सोलापुर का दौरा करेंगी।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव लगातार दूसरे दिन 15-15 डॉलर कमजोर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के दाम 15 डॉलर कमजोर होकर 1,050 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर घटकर 1,140 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,355 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से उड़द की कीमतों में मंदा आया। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। चालू महीने के मध्य तक समर उड़द आवक मंडियों में बढ़ेगी। म्यांमार में भी उड़द की आवक बढ़ने से आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। उधर बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। साथ ही केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। इसलिए इसके भाव में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे है जिस कारण आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते।
मध्य प्रदेश की जबलपुर मंडी में समर सीजन की नई उड़द की आवक हुई, जिसका मुहूर्त में व्यापार 9301 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
देसी अरहर की कीमतों में नरमी दर्ज की गई जबकि आयातित के दाम लगभग स्थिर ही बने रहे। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं, वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
चना में तेजी, मंदी बनी हुई है, हालांकि शाम को इसके दाम स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार जहां ऊंचे दाम पर दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही चना की खरीद कर रही है, वहीं नीचे भाव में बिकवाली भी कम आ रही है। हालांकि उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। इसलिए मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट खरीद भी कर रहे हैं। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी। ऐसे में चना की खरीद भाव नीचे आने पर ही करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य तेजी का ही है।
कानपुर में देसी मटर के भाव 4,425 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हो गए। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी ज्यादा है।
उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव स्थिर से कमजोर हुए। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उधर मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। वैसे भी मई के अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।
मध्य प्रदेश की मंडियों में नई मूंग की आवक बढ़कर 1,400 से 1,500 बोरियों की हो गई है, तथा चालू महीने के मध्य तक आवकों में बढ़ोतरी होगी।
मूंग का समर्थन मूल्य 8,558 रुपये प्रति क्विंटल है, अत: सरकार मूंग की एमएसपी पर खरीद शुरू करेगी तो ही भाव को सहारा मिलेगा।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। एफएक्यू के दाम 75 रुपये कम होकर 9,375 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
जलगांव में उड़द एफएक्यू के दाम कमजोर होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बेस्ट बोल्ड उड़द के भाव 8,800 से 9,200 रुपये तथा जयपुर में बिल्टी के दाम 8,500 से 9,600 रुपये प्रति स्थिर हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर और कानपुर, और इंदौर में कमजोर हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये कमजोर होकर 11,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 50 कमजोर होकर भाव 6,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर में देसी मसूर के बिल्टी के भाव घटकर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। पटना में इसके दाम 6,275 रुपये और कानपुर में 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 6,425 से 6,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 6,400 से 6,425 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 200 रुपये कमजोर होकर 8,000 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।