मई में ओलिन में मंदि दिखाई देती है, इस कारण कोल्हू की मंदि बनती है

नाफेड ने इस साल अप्रैल में सरसोँ की बड़ी खरीद की है, इस कारण मंडियों में सरसोँ की आवक सीमित रही है । इस कारण बड़ी सप्लाई के बाद भी अप्रैल में सरसोँ में बड़ी मंदि नहीं आ सकी है।
अप्रैल में जयपुर सरसोँ में मंदि 100 रुपए तक सीमित रही है।
पिछले साल अप्रैल में सरसोँ तेल 15 रुपए किलो क्रैश हुआ था, आज भी कोल्हू तेल पिछले साल के 95 रुपए किलो से ऊपर ट्रेड कर रहा है।
मई में ओलिन में और मंदि दिखाई देती है, इस कारण कोल्हू तेल की मंदि बनती है।

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