आयात पड़ते महंगे होने से उड़द के साथ ही चना मजबूत, मसूर एवं मूंग के भाव स्थिर
नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के साथ ही दाल मिलों की खरीद से घरेलू बाजार में शुक्रवार को उड़द के साथ ही चना की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मूंग एवं मसूर के दाम स्थिर हो गए। अरहर की कीमतों में दूसरे दिन भी मिलाजुला रुख रहा।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव लगातार दूसरे दिन 15-15 डॉलर तेज हुए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के 15 डॉलर तेज होकर भाव 1,095 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर तेज होकर 1,185 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,370 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
बर्मा से चेन्नई पहुंच उड़द के दाम डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेज हुए। अत: आयात पड़ते महंगे होने से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में सुधार आया। हालांकि व्यापारी एकतरफा बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार की सख्ती तो देखते हुए बढ़े दाम पर दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही खरीद कर रही हैं। वैसे भी उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। इसलिए बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि आयातित उड़द डिस्पैरिटी में बिक रही है, इसलिए आयातक भाव तेज कर रहे हैं।
अरहर की कीमतों में दूसरे दिन भी मिलाजुला रुख देखा गया। आयातित अरहर के दाम कमजोर हुए जबकि देसी के भाव में सुधार आया। बर्मा से चेन्नई पहुंच लेमन की कीमतें डॉलर में स्थिर बनी रही। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने दलहन के सप्ताहिक स्टॉक की जानकारी मांगी है लेकिन अगर तेजी जारी रही तो फिर सरकार इस पर स्टॉक लिमिट भी लगा सकती है। उधर बढ़ी हुई कीमतों में अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। इसलिए बढ़े दाम स्टॉक हल्का करना चाहिए। हालांकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है तथा अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं।
स्टॉकिस्टों की सक्रियता से चना की कीमतों में तेजी आई है। व्यापारियों के अनुसार चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, इसलिए चना का भविष्य तो तेजी का ही है। हालांकि अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए क्योंकि उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 50 रुपये तेज होकर 4,325 से 4,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 50 रुपये तेज होकर 4,225 से 4,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये बढ़कर 4,225 से 4,250 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 4,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही बंदरगाह पर आयातित के भाव तीन दिनों की तेजी के बाद स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार हाल ही में मध्य प्रदेश में प्रतिकूल मौसम से मसूर की दैनिक आवक प्रभावित हुई थी। इसलिए स्टॉकिस्टों ने दाम तेज किए थे। जानकारों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में नई मसूर की आवक बढ़ेगी। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। ऐसे में बड़ी हुई कीमतों में मसूर का स्टॉक हल्का करना चाहिए।
मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर ही बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम शाम के सत्र में 9,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,425 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम तेज होकर 10,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम तेज होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव दाम तेज होकर 8,100 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर, दाहोद और छिंदवाड़ा में सुबह के सत्र में तेज हुई थी, लेकिन शाम के सत्र में ग्राहकी कमजोर हुई।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये घटकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,550 से 11,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,400 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,200 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,350 से 6,375 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,100 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में देसी मसूर के बिल्टी दाम बढ़कर 6,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 125 रुपये तेज होकर 6,200 से 6,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 150 रुपये बढ़कर 6,175 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,300 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,700 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।