मॉर्च के आधे महीने में लोकल आयल मार्किट में एक ही चर्चा थी। पोर्टस पर स्टॉक नहीं है। वेसल भी कम आ रहे है।
20 फ़रवरी से शुरू हुई तेज़ी 18 मॉर्च तक बनी रही। ट्रेडर्स ने गोदाम टैंक्स भर लिए।
उसके बाद मुनाफा वसूली शुरू है। सीबोट और klc ने मंदि शुरू की।
1 से 3 अप्रैल में klc ने बड़ी तेजी फिर की मगर उसके बाद klc पुरानी हाई को दोबारा नहीं दोहरा सकी। विदेश में सभी तेल वॉयदे और फिजिकल मार्केट्स ने भी नीचे आना शुरू किया तो 10 अप्रैल को सभी मार्केट्स 31 मॉर्च से नीची रही।
मॉर्च में सभी टेलों ने इस साल की हाई बनाई थी, सभी तेल उस हाई से नीचे है-
कोल्हू तेल मॉर्च की हाई से 3.50 रुपए किलो नीचे है
ओलिन 2.50 रुपए
सोय्या रिफाइंड 6.50 रुपए
कॉटन रिफाइंड 3.50 रुपए किलो
चावल रिफाइंड भी मॉर्च की हाई से 3.50 रुपए किलो नीचे आया है।