कोल्हू तेल को छोड़कर सभी तेलों में अप्रैल में नई तेज़ी आई है। सप्ताह के आखिरी 2 दिन में klc ड्राप हुई तो तेल में भी प्रॉफिट टेकिंग बनी है।
भारत की तेल मार्केट का मूवर शेकर klc ही है।
Klc की इस साल लगातार तेज़ी के असर से भारत मे भी तेल मार्किट ने तेज़ी बनाई है।
दिसंबर से अब तक कांड़ला मे ओलिन 18 रुपए किलो तेज़ हुई है।
कॉटन सोया रिफाइंड में 12 से 13 रुपए किलो बढे है
सन और चावल रिफाइंड की तेजी 7 रुपए किलो तक सीमित रही है।