स्टॉकिस्टों की सक्रियता से चना, अरहर एवं देसी मसूर महंगी, उड़द में मिलाजुला रुख
नई दिल्ली। दाल मिलों की मांग से घरेलू बाजार में बुधवार को चना के साथ ही अरहर एवं देसी मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान उड़द के भाव में मिलाजुला रुख रहा। मूंग की कीमतें लगभग स्थिर ही बनी रही।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव 10-10 डॉलर कमजोर हुए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के 10 डॉलर घटकर 1,055 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर कमजोर होकर 1,145 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,310 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
बर्मा से आयातित लेमन अरहर में 800 रुपये प्रति क्विंटल की डिस्पैरिटी चल रही है, जबकि उड़द एसक्यू 300 रुपये प्रति क्विंटल की डिस्पैरिटी में बिक रही है।
बर्मा से चेन्नई पहुंच उड़द के दाम डॉलर में लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद कमजोर हुए। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते अभी महंगे है, इसलिए आयातक दाम तेज करना चाहते हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन एक तरफा बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। अत: बढ़ी हुई कीमतों में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
आयातित के साथ ही देसी अरहर की कीमतों बढ़ोतरी तेजी आई है जबकि बर्मा से चेन्नई पहुंच लेमन की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई। जानकारों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे होने के कारण आयातक इसकी कीमतें तेज कर रहे हैं। हालांकि इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। इसलिए बढ़े भाव में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। हालांकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
स्टॉकिस्टों की सक्रियता से चना की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, स्टॉकिस्टों का मानना है कि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में बढ़ेगी, वैसे भी चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में हल्की नरमी आ सकती है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 25 रुपये बढ़कर 4,050 से 4,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 4,050 से 4,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 50 रुपये तेज होकर 4,425 से 4,475 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर की कीमतें लगातार तीसरे दिन तेज हुई है, जबकि बंदरगाह पर आयातित के भाव स्थिर ही बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार नई फसल की आवक लगातार बढ़ रही है, इसलिए आगामी दिनों में इसके भाव में नरमी आने का अनुमान है। मौसम अनुकूल रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में आगे नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। ऐसे में मसूर का स्टॉक हल्का करना चाहिए।
मूंग के भाव उत्पादक राज्यों में स्थिर ही बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम शाम के सत्र में 9,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 9,925 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,475 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये कमजोर होकर भाव 9,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के दाम 75 रुपये तेज होकर 10,475 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर, लातूर और कटनी में तेज हुई जबकि सोलापुर एवं अन्य मंडियों में स्थिर हो गई।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 10,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में बढ़कर 10,750 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,600 से 10,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 9,400 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 9,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर भाव 6,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 100 रुपये तेज होकर 5,825 से 5,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 100 रुपये बढ़कर 5,800 से 5,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,100 से 8,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,800 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।