चना, मसूर एवं अरहर में सुधार, अन्य दालों के भाव स्थिर
गेहूं में मंदा, ग्वार गम एवं सीड में तेजी
नई दिल्ली। दिल्ली में मध्य प्रदेश के चना की कीमतें 25 रुपये तेज खुली हैं, जबकि राजस्थानी चना के भाव स्थिर हो गए। व्यापारी के अनुसार उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक आगामी दिनों में बढ़ेंगी। इसलिए दाल मिलर्स अभी केवल जरूरत के हिसाब से ही चना की खरीद कर रहे हैं। नई फसल की आवकों का दबाव बनने पर मौजूदा कीमतों में हल्की गिरावट आने की उम्मीद है इसलिए इन भाव में खरीद नहीं करनी चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है।
दिल्ली में राजस्थान के नए चना के दाम 5,775 से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, इस दौरान मध्य प्रदेश के नए चना के दाम 25 रुपये तेज होकर दाम 5,750 से 5,775 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। चना की दैनिक आवक 3 से 4 मोटरों की हुई।
जयपुर मंडी में मोठ के बिल्टी भाव कमजोर होकर 6,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
सोलापुर में अरहर की कीमतें मजबूत खुली हैं। व्यापारियों के अनुसार लेमन के दाम पिछले सप्ताह के अंत में तेज हुए थे, इसलिए आयातक इसके भाव बढ़ा रहे हैं, हालांकि बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। वैसे भी आगामी दिनों में म्यांमार से लेमन की आवक बढ़ेगी, साथ ही सूडान से नई अरहर की शिपमेंट आयेगी। घरेलू बाजार में दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से खरीद कर रही है क्योंकि अरहर दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर ही है। उधर केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। जानकारों के अनुसार देसी अरहर की आवक उत्पादक मंडियों में अभी बनी रहेगी। सोलापुर मंडी में देसी अरहर के भाव 9,500 से 10,700 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
बर्मा से आयातित उड़द की कीमतें चेन्नई में डॉलर में स्थिर हैं। जानकारों के अनुसार बीते सप्ताह डॉलर में दाम तेज हुए थे, लेकिन घरेलू बाजार में उड़द दाल में थोक एवं खुदरा में मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना के साथ ही आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक बनी हुई हैं। केंद्र सरकार की सख्ती से उड़द की खरीद दाम मिलें केवल जरुरत के हिसाब से कर रही रही है। वैसे भी आगामी दिनों में म्यांमार से उड़द का आयात बढ़ेगा, वैसे भी म्यांमार में उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे घरेलू बाजार में स्टॉकिस्टों की सक्रियता से उड़द की कीमतों में हल्का सुधार तो बन सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार नहीं है। बर्मा से चेन्नई के लिए उड़द एसक्यू के दाम 1,125 डॉलर एवं एफएक्यू के 1,035 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे।
मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर हो गए। व्यापारी मूंग की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। मौसम साफ है इसलिए उत्पादक राज्यों की मंडियों में मूंग की दैनिक आवक पहले की तुलना में बढ़ने लगी है, साथ ही खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, तथा मूंग का उत्पादन अनुमान कम होने की आशंका है। इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। छिंदवाड़ा मंडी में मूंग के दाम 6,800 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
देसी मसूर के दाम दिल्ली में 25 रुपये तेज खुले हैं, हालांकि व्यापारी बड़ी तेजी के पक्ष में नही है। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में नई मसूर की आवकों में बढ़ोतरी होगी। चालू रबी में मसूर के रिकार्ड उत्पादन का अनुमान है। इसलिए इसके भाव में आगे नरमी आने का अनुमान है। हालांकि बकाया स्टॉक कम होने के कारण पुरानी देसी मसूर की आवक उत्पादक मंडियों में कम हो रही है, जबकि मसूर दाल में खपत राज्यों बिहार, बंगाल एवं असम की मांग बराबर बनी रहने की उम्मीद है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,300 से 6,325 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
धान के साथ ही बासमती चावल के भाव स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार मिलों के पास उंचे भाव का धान का स्टॉक है, जबकि चावल में निर्यात मांग बनी रहने की उम्मीद है। इसलिए भाव में ज्यादा मंदा नहीं आयेगा। टोहाना मंडी में 1,401 किस्म के धान का भाव 4225 रुपये तथा 1,718 किस्म के धान के दाम 4,335 रुपये तथा सिरसा मंडी में 1,401 किस्म के धान के भाव 4,297 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। रतिया में 1,401 किस्म के धान के भाव 4,311 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
गेहूं के दाम लारेंस रोड पर 40 रुपये कमजोर होकर दाम 2525 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मौसम अनुकूल रहा तो उत्तर भारत के राज्यों में नए गेहूं की आवक अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी, इसलिए इसके भाव में नरमी आने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में नए गेहूं की आवकों में बढ़ोतरी हुई है।
मक्का के भाव नरम हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार मक्का की आवक बिहार की मंडियों में पहले की तुलना में बढ़ गई है, तथा आगामी दिनों में इसकी आवक और बढ़ेगी, इसलिए इसके भाव में आगे और भी नरमी आने का अनुमान है। सांगली मंडी में मक्का के बिल्टी भाव 2,340 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
बाजरा की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में बाजरे की आवक काफी कम हो रही है, इसलिए इसके भाव में ज्यादा मंदे के आसार नहीं हैं। जगदीशपुर पहुंच बाजरा का व्यापार 2,430 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
जौ के भाव कमजोर हुए हैं। उत्पादक मंडियों में जौ की नई फसल की आवक बढ़ी है, तथा आगामी दिनों में आवक और बढ़ेगी, इसलिए आगे इसके दाम घटने की उम्मीद है। उत्पादक मंडियों में जौ के भाव 1500 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटी अनुसार चल रहे हैं।
चीनी के दाम स्थिर बने हुए है। व्यापारी अभी चीनी में ज्यादा मंदे में नहीं है, गर्मियों का सीजन होने के कारण चीनी में मांग बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि केंद्र सरकार ने मार्च के लिए चीनी का कोटा ज्यादा मात्रा में जारी किया है।
सरसों के भाव में सुधार आने की उम्मीद है। मलेशिया में पाम तेल में सुधार आया है, साथ ही शिकागो में सोया तेज तेज हैं। हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नई सरसों की आवक बनी रहेगी। ऐसे में इसकी कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है है। सरसों तेल के और खल के दाम स्थिर हो गए।
घरेलू बाजार में खाद्वय तेलों के दाम 5 से 10 रुपये तेज खुले हैं। मलेशिया में जून के पाम तेल वायदा अनुबंध में 39 रिगिंट की तेजी आकर भाव 4,233 रिगिंट प्रति टन हो गए। हालांकि विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में अभी एकतरफा बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है, इसलिए घरेलू बाजार में इनकी कीमतों में हल्का सुधार और आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार कम है।
सोयाबीन के दाम उत्पादक मंडियों में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उत्पादक मंडियों में अभी दैनिक आवक बराबर बनी रहेगी है, जबकि प्लांट जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। शिकागो में सोयाबीन और सोया तेल के भाव तेज खुले हैं, जबकि मील में मंदा आया है।
घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में सुधार आया है, आईसीई के कॉटन वायदा में इसके दाम तेज हुए हैं, जिस कारण घरेलू मिलों की मांग बढ़ी है। व्यापारियों के अनुसार कॉटन में स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने की उम्मीद है, वैसे भी मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। इसलिए आगे दाम और बढ़ने की उम्मीद है।
बिनौला और कपास खली के भाव में तेजी आई है। व्यापारियों के अनुसार नीचे दाम पर बिकवाली घटी है, हालांकि तेल मिलें बिनौला की खरीद केवल जरुरत के हिसाब से ही कर रही है। उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है, तथा आगामी दिनों में आवक और घटेगी, इसलिए इनकी कीमतों में हल्की तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है।
ग्वार सीड और ग्वार गम की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार स्टॉकिस्ट सक्रिय है, इसलिए इसके भाव में हल्की तेजी और भी बना सकते हैं, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। ग्वार गम उत्पादों में निर्यात मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है। हालांकि पहले की तुलना में ग्वार सीड की दैनिक आवकों में कमी आई है।