आयात पड़ते महंगे होने से अरहर एवं उड़द मजबूत, चना तथा मसूर एवं मूंग स्थिर
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद से घरेलू बाजार में शुक्रवार को आयातित उड़द के साथ ही लेमन अरहर एवं चना की कीमतें तेज हो गई, जबकि इस दौरान मूंग के दाम स्थिर हो गए। देसी मसूर की कीमतों में सुधार आया, लेकिन आयातित के भाव रुके रहे।
मार्च क्लोजिंग के कारण आज जहां कई राज्यों में मंडियां बंद रही, वही व्यापार भी सीमित मात्रा में ही हुआ।
बर्मा से आयातित उड़द के दाम चेन्नई पहुंच एफएक्यू और एसक्यू के दाम तेज हुए। दौरान लेमन अरहर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के बढ़कर 1,035 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव तेज होकर 1,125 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम तेज होकर 1,275 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।
बर्मा से चेन्नई पहुंच उड़द के दाम डॉलर में तेज हुए हैं। अत: आयात पड़ते महंगे होने से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में सुधार आया है। व्यापारियों के अनुसार उड़द की कीमतों में हल्की तेजी तो आ सकती है, लेकिन एकतरफा बड़ी तेजी के आसार अभी नहीं है। उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है, इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
बर्मा से आयातित उड़द एसक्यू घरेलू बाजार में करीब 200 रुपये आयात लागत से नीचे बिक रही है।
घरेलू बाजार में आयातित अरहर की कीमतों में सुधार आया है। उधर बर्मा से चेन्नई पहुंच लेमन के दाम डॉलर में तेज हुए हैं। अत: अरहर के आयात पड़ते महंगे होने से आयातक दाम तेज कर रहे है। अत: स्टॉकिस्टों की सक्रियता से अरहर की कीमतों में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है। घरेलू मंडियों में अभी देसी अरहर की आवक बनी रहेगी। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
आयातित लेमन अरहर घरेलू बाजार में करीब 700 रुपये आयात लागत से नीचे बिक रही है।
दाल मिलों की सीमित मांग चना के दाम स्थिर बने रहे। हालांकि व्यापारी अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। नई फसल की आवक उत्पादक राज्यों में मौसम साफ रहा तो आगामी दिनों में और बढ़ेगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,000 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई बंदरगाह पर रुस से 11,000 टन पीली मटर लेकर एक जहाज 25 मार्च 2024 को आया था।
दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही आयातित की कीमतें बंदरगाह पर स्थिर ही बनी रही। व्यापारियों के अनुसार नई फसल की आवक बढ़ रही है जिस कारण आगामी दिनों में इसके भाव में नरमी आने का अनुमान है। मौसम अनुकूल रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अप्रैल के पहले सप्ताह तक नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है।
मूंग के भाव उत्पादक राज्यों में स्थिर ही बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा अगले सप्ताह से इसकी आवकों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम तेज होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम बढ़कर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 75 रुपये तेज होकर 9,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 100 रुपये तेज होकर 9,325 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 75 रुपये तेज होकर भाव 9,025 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के दाम 50 रुपये बढ़कर 10,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, इंदौर, अकोला, कुरनूल और रायपुर में स्थिर बनी रही।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये बढ़कर 10,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 10,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर से तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,300 से 10,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,350 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 9,250 से 9,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 100 रुपये बढ़कर 9,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 5,775 से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 5,725 से 5,750 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,100 से 8,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,800 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सुमेरपुर मंडी में देसी मूंग के दाम 5,950 से 8,050 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटी अनुसार बोले गए।