भारत की एथनॉल पालिसी देश मे मक्का उत्पदन को बढ़ाने में मदद दे सकती है। सरकार के ग्रीन क्लाइमेट इरादे को पूरा करने में मदद भी दे सकती है।
मग़र इथेनॉल के रॉ मटेरियल DDGS से भारत के फीड एक्सपोर्ट और लोकल यूज़ को प्रभावित कर सकती है।
DDGS बिहार में 13 से 14 रुपए किलो मिल रही है।
DDGS राइसब्रान DeOiled, सरसोँ और सोयमील का बड़ा विकल्प बन रहा है।
पूरे संसार मे DDGS की सप्लाई और usage बढ़ रहा है।
भारत से 2022 में 1.46 लाख टन DDGS एक्सपोर्ट हुआ था, 2023 का एक्सपोर्ट 2.49 लाख टन हुआ है।
2023 में भारत से सबसे ज्यादा 98106 टन वियतनाम और 31897 टन बांग्लादेश को एक्सपोर्ट हुआ था।
भारत से बांग्लादेश को जनवरी में केवल 5500 टन सरसोँ मील एक्सपोर्ट हुई है जो पिछले साल 27000 टन थी।
शायद बांग्लादेश में DDGS के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से भारत से सरसोँ मील एक्सपोर्ट में कमी का खतरा बना है।