कुइट और मोपा के प्रेजिडेंट श्री बाबूलाल डाटा सीजन के शुरू में ही सरसोँ तेल मिल्स की बेहद खराब हालत से बहुत परेशान है।
पहलीं बार मॉर्च मे सरसोँ मील का कोई शिप लोड नहीं हुआ है।
पहलीं बार मॉर्च मे ही तेल मिल्स डिस्परिटी में है।
पहलीं बार सीजन में 135 लाख टन सरसोँ की सप्लाई होते हुए भी 30 फीसदी बन्द हो गई है।
पहलीं बार सरसोँ के नए सीजन की शुरुआत बेहद तकलीफ से हो रही है।
सरसोँ की MSP 5650 रुपए है, मंडी में सरसोँ 4800 रुपए होने पर भी 3 रुपए किलो का नुकसान है।
Doc की कोई डिमांड नहीं है, इस कारण मिल्स को घाटे में खल 2400 रुपए बेचनी पड़ रही है।
किसान 4800 रुपए से नीचे सरसोँ बेचने को तैयार नहीं है
केवल वही नई मिल्स चल रही है जिन्हें सरकार से टैक्स में छूट मिली हुई है।
हरयाणा में सरसोँ तुलाई के कांटे लग गए है।