भारत की रिफायनरीज ने कम एडिबल ऑयल्स इम्पोर्ट के फायदों को सही से नहीं समझा हैं । पुरानी गलती फिर से दोहराने की तैयारी कर रही हैं ।
जनवरी से मॉर्च में एडिबल ऑयल्स इम्पोर्ट पिछले साल के 38.94 लाख टन से 7 लाख टन कम हुआ है ।
रिफाइनिंग में बड़े margins से इम्पोर्ट बढा रही है।
अप्रैल मई में टोटल इम्पोर्ट पिछले साल के 25.75 लाख टन से 5 लाख टन 25 फीसदी बढ़ने के अनुमान है।
जनवरी से मई का इम्पोर्ट पिछले साल के 59.68 लाख टन से केवल दो लाख टन ही कम रहेगा।
अप्रैल में 13.10 लाख टन इम्पोर्ट होगा जो पिछले साल 10.21 लाख टन था।
मई का इम्पोर्ट 12.75 लाख टन होने वाला है जो पिछले साल 10.53 लाख टन था
अप्रैल मई में पाम आयल इम्पोर्ट पिछले साल के 9.38 लाख टन से 38 फीसदी ज्यादा रहेगा।
सोय्या तेल इम्पोर्ट पिछले साल के 5.18 लाख टन से 25 फीसदी 1.30 लाख टन ज्यादा रहेगा।
सन आयल इम्पोर्ट पिछले साल के 5.45 लाख टन से 1 लाख टन ज्यादा होने वाला है।
जनवरी से मई में इम्पोर्ट के अनुमान-
सन आयल 15.50 लाख टन
सोय्या तेल 12.10 लाख टन
पाम आयल 30.20 लाख टन होने वाला है।
सन आयल इम्पोर्ट के अनुमान श्री विवेक पाठक, अथेना और सोय्या पाम आयल इम्पोर्ट अनुमान श्री संदीप बाजोरिया, सनविन के है।
