भारत से सरसोँ सीजन में मील एक्सपोर्ट की बेहद खराब शुरुआत हुई है।
हिस्ट्री में पहलीं बार मील का एक भी वेसल शिप नहीं हुआ है। मॉर्च में आने वाला वेसल लेट होने से अप्रैल में कंटेनर और वेसल में एक्सपोर्ट डेढ़ लाख टन भी होना मुश्किल है।
भारत ने पिछले साल सरसोँ के सीजन मॉर्च से जून में 7.52 लाख टन मील एक्सपोर्ट की थी।
पूरे साल का एवरेज एक्सपोर्ट 1.75 लाख टन था
पिछले साल 20.87 लाख टन एक्सपोर्ट हुआ था, इस साल 15 लाख टन का एक्सपोर्ट भी मुश्किल है जबकि इस साल की 135 लाख टन सरसोँ सप्लाई की 85 लांच टन खल और मील होती है।
इस साल कॉर्न, चावल किनकी इय्यादी की 20 लाख टन एक्स्ट्रा प्रोटीन मिलेगी, इसे देखते हुए पूरे मील सेक्टर को दिक्कत रहने वाली है।