EdibleOils/Cake Market report

तेल मिलों की मांग बनी रहने से दूसरे दिन सरसों के भाव तेज

नई दिल्ली। तेल मिलों की मांग बनी रहने से घरेलू बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सरसों के भाव तेज हुए। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव में 50 रुपये की तेजी आकर दाम 5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक 15.25 लाख बोरियों की के पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही।

विश्व बाजार में आज सुबह के सत्र में खाद्वय तेलों की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन मुनाफावसूली से शाम के सत्र में दम कमजोर हो गए। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम को नरमी आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव भी शाम के सत्र में कमजोर हुए। जानकारों के अनुसार मलेशिया से मार्च में पाम तेल का निर्यात बढ़ा है, लेकिन पाम के मुकाबले अन्य खाद्वय तेल सस्ते हैं। इसलिए इसकी कीमतों में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है।  घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई तथा इस दौरान सरसों खल के भाव में हल्का सुधार आया।

उत्पादक मंडियों में गुरुवार को सरसों की दैनिक आवक लगभग स्थिर बनी रही। व्यापारियों के त्योहारी सीजन होने के साथ ही मार्च क्लोजिंग के कारण अभी व्यापार सीमित मात्रा में होगा। हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम साफ बना रहा तो सरसों की दैनिक आवक बराबर बनी रहने की उम्मीद है। चालू रबी में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है तथा किसान माल नहीं रोक रहे हैं। दैनिक आवकों का देखते हुए तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। हालांकि खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी, लेकिन इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों के दाम पर ही निर्भर करेगी।

सरसों तेल तेज

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेजी आई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 14 रुपये तेज होकर दाम 1,050 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 14 बढ़कर भाव 1,040 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम बढ़कर 1,033 से 1,035 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम बढ़कर 1,035 से 1,040 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए।

विदेशी बाजार में आज सुबह के सत्र में खाद्वय तेलों की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन मुनाफावसूली से शाम के सत्र में दम कमजोर हो गए। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम को नरमी आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव भी शाम के सत्र में कमजोर हुए। जानकारों के अनुसार मलेशिया से मार्च में पाम तेल का निर्यात बढ़ा है, लेकिन पाम के मुकाबले अन्य खाद्वय तेल सस्ते हैं। इसलिए इसकी कीमतों में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है।  घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई।

विश्व बाजार में खाद्वय तेल नरम

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स (बीएमडी) एक्सचेंज पर जून डिलीवरी पाम तेल वायदा अनुबंध में 23 रिगिंट की गिरावट आकर भाव 4,249 रिंगिट प्रति टन रह गए। इस दौरान शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें 0.04 फीसदी तक कमजोर हुई।

मलेशियाई एक्सचेंज में पाम तेल की कीमतों गुरुवार को सुबह के सत्र में तेजी आई थी, लेकिन शाम के सत्र में इसके भाव नरम हो गए।

व्यापारियों के अनुसार वास्तव में क्रूड पाम तेल की मांग इतनी अच्छी नहीं है, लेकिन इसके दाम अन्य खाद्वय तेलों की तुलना में कई जगह सस्ते हैं। हालांकि इसकी कीमतों में तेजी स्थिर बनी तभी रह सकती है, जबकि अन्य खाद्वय तेलों के दाम तेज हो।

कार्गो सर्वेक्षक इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज और एमस्पेक एग्री के अनुसार 1-20 मार्च के दौरान मलेशियाई पाम तेल उत्पादों का निर्यात पिछले महीने की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 7.4 फीसदी और 16.3 फीसदी बढ़ा है।

सरसों खल स्थिर से तेज, डीओसी बढ़ी

जयपुर में गुरूवार को सरसों खल की कीमतें 10 रुपये तेज होकर दाम 2,490 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव 2,560 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें 2,475 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई।

निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग बढ़ने से डीओसी के दाम तेज हुए। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 300 रुपये बढ़कर 20,500 रुपये प्रति टन हो गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम 300 रुपये तेज होकर 20,300 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 300 रुपये बढ़कर 20,500 रुपये प्रति टन हो गए।

ग्राहकी सीमित बनी रहने से सरसों खल की कीमतें स्थिर से तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि उत्पादक राज्यों में नई सरसों की दैनिक आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है इसलिए इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

नीचे दाम पर निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग बढ़ने से डीओसी की कीमतें तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में सरसों की दैनिक आवक स्थिर हो गई है, हालांकि त्योहारी सीजन के साथ मार्च क्लोजिंग के कारण व्यापार कम हो रहा है। उधर किसान माल रोक नहीं रहे हैं, जबकि सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में डीओसी के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

सरसों की दैनिक आवक स्थिर

देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 15.25 लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में भी आवक इतनी ही बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 8 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 1.80 लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1.90 लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में एक लाख बोरी तथा गुजरात में 65 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 1.90 लाख बोरियों की आवक हुई।

कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में शाम के सत्र में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर हो गई। धुले में कॉटन वॉश के दाम 915 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। इस दौरान जालना में कॉटन वॉश के भाव 915 रुपये प्रति 10 किलो के पूर्व स्तर पर स्थिर हो गए। सिल्लोड में कॉटन वॉश की कीमतें 915 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर स्थिर बनी रही।

विदेशी बाजार में आज सुबह के सत्र में खाद्वय तेलों की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन मुनाफावसूली से शाम के सत्र में दम कमजोर हो गए। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम को नरमी आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव भी शाम के सत्र में कमजोर हुए। जानकारों के अनुसार मलेशिया से मार्च में पाम तेल का निर्यात बढ़ा है, लेकिन पाम के मुकाबले अन्य खाद्वय तेल सस्ते हैं। ऐसे में घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

बिनौला स्थिर, कपास खली कमजोर

तेल मिलों की सीमित मांग से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में स्थिर हो गए। हरियाणा में बिनौले के भाव 2300 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 2300 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। बिनौला के दाम पंजाब में 2300 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। सेलु में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली की कीमतें 20 रुपये नरम होकर 2,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान भोकर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 20 रुपये घटकर 2,850 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। शाहपुर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 20 रुपये कमजोर होकर 2,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

तेल मिलों की खरीद सीमित होने से बिनौला के भाव में उत्तर भारत के राज्यों में स्थिर हो गए। विश्व बाजार में आज शाम के सत्र में खाद्वय तेलों के दाम नरम हुए हैं, इसलिए घरेलू मिलों की मांग से इसके भाव में हल्की नरमी आ सकती है। वैसे भी घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में और घटेगी, लेकिन घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेगी।

ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में मंदा आया। व्यापारियों के अनुसार तेल मिलों को नीचे दाम पर पड़ते नहीं लग रहे, इसलिए मिलें भाव घटाकर बिकवाली तो कम कर रही है लेकिन इसमें ग्राहकी भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उत्पादक राज्यों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में हुई है, इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।

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