आयात पड़ते कमजोर होने से अरहर एवं उड़द के साथ चना में गिरावट, मसूर के भाव बढ़े
नई दिल्ली। आयात पड़ते सस्ते होने के साथ ही दाल मिलों की खरीद कमजोर बनी रहने से घरेलू बाजार में बुधवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही चना की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मसूर के दाम तेज हुए। मूंग की कीमतें लगभग स्थिर बनी रही।
मार्च क्लोजिंग के साथ ही त्योहारी छुट्टियों के कारण दलहन में व्यापार सीमित मात्रा में हो रहा है।
चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव में दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, साथ ही इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी कमजोर हुई। उड़द एफएक्यू के भाव मार्च एवं अप्रैल शिपमेंट के 10 डॉलर कमजोर होकर दाम 1,020 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर कमजोर होकर 1,100 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 25 डॉलर कमजोर होकर 1,240 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए।
चेन्नई में उड़द की कीमतों में डॉलर में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है। अत: घरेलू बाजार में भी उड़द के दाम कमजोर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में खुदरा एवं थोक मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक बढ़ने लगी है। आगामी दिनों में बर्मा में नई फसल की आवकों में बढ़ोतरी होगी, जिस कारण इसका आयात बढ़ने की उम्मीद है। वैसे भी सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं, तथा मार्च क्लोजिंग एवं त्योहार के कारण भी घरेलू बाजार में व्यापार सीमित ही हो रहा है। इसलिए इसकी कीमतों अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है।
सूत्रों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2023-24 के अप्रैल से फरवरी अंत तक करीब 5.61 लाख टन उड़द का आयात हुआ है।
घरेलू बाजार में देसी के साथ ही अरहर की कीमतों में मंदा आया है, उधर लेमन के दाम डॉलर में लगातार तीसरे दिन कमजोर हुए है। जानकारों के अनुसार थोक के साथ ही खुदरा में अरहर दाल में ग्राहकी बढ़ नहीं पा रही है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है जबकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
ग्राहकी कमजोर होने दिल्ली में चना के भाव में दूसरे दिन गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार स्टॉकिस्ट चना का उत्पादन कम मानकर दाम तेज करना चाहते थे लेकिन एक तो उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, इसलिए नए चना की आवकों में होली के बाद बढ़ोतरी होगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,025 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी के साथ ही मसूर की कीमतों में तेजी आई है, हालांकि व्यापारी इसके भाव में बड़ी तेजी की पक्ष में नहीं है। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक होली के बाद बढ़ेगी। मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मार्च अंत तक नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, तथा उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।
मूंग के भाव दिल्ली के साथ ही उत्पादक राज्यों में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा होली के बाद अच्छी आवक हो जायेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 100 रुपये घटकर 8,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 100 रुपये कमजोर होकर 9,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 75 रुपये घटकर 9,075 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये कमजोर होकर दाम 8,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 100 रुपये कमजोर होकर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, कटनी, नागपुर और रायपुर में कमजोर हुई।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये घटकर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 10,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर से कमजोर हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 50 रुपये घटकर 9,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मतवारा अरहर के भाव 50 रुपये घटकर 9,150 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। सफेद अरहर की कीमतें 100 रुपये घटकर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 75 रुपये तेज होकर दाम 6,250 से 6,275 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 50 रुपये तेज तेज होकर दाम 6,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 50 रुपये तेज होकर 5,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,925 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 5,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 75 रुपये घटकर 5,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 5,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 50 रुपये घटकर 5,800 से 5,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के दाम 9,150 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,100 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।