EdibleOils/Cake Market Report

मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से सरसों में गिरावट जारी

नई दिल्ली। तेल मिलों की खरीद कमजोर बनी रहने से घरेलू बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कार्यदिवस में सरसों में गिरावट जारी रही। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव में 75 रुपये की गिरावट आकर दाम 5,425 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 16 लाख बोरियों की हुई।

विश्व बाजार में आज अधिकांश खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में गिरावट आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव कमजोर हो गए। जानकारों के अनुसार सोया तेल की कीमतों में हाल ही मंदा आया है, जिस कारण पाम तेल की कीमतों पर दबाव है। अत: घरेलू बाजार में ग्राहकी कमजोर बनी रहने से सरसों तेल की कीमतों में लगातार तीसरे कार्यदिवस में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान सरसों खल के भाव भी नरम हुए।

उत्पादक मंडियों में मंगलवार को भी सरसों की दैनिक आवकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वैसे भी उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, इसलिए सरसों की दैनिक आवकों का दबाव अभी बना रहेगा। चालू रबी में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है तथा किसान माल नहीं रोक रहे हैं। दैनिक आवकों का देखते हुए तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। हालांकि खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी, लेकिन इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों के दाम पर ही निर्भर करेगी।

सरसों तेल में मंदा

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में मंगलवार को लगातार तीसरे कार्यदिवस में गिरावट दर्ज की गई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 14 रुपये कमजोर होकर दाम 1,031 रुपये प्रति 10 किलो रह गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 14 घटकर भाव 1,021 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम कमजोर होकर 1,020 से 1,025 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम घटकर 1,035 से 1,040 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए।

विदेशी बाजार में आज अधिकांश खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में गिरावट आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव कमजोर हो गए। जानकारों के अनुसार सोया तेल की कीमतों में हाल ही मंदा आया है, जिस कारण पाम तेल की कीमतों पर दबाव है। अत: घरेलू बाजार में ग्राहकी कमजोर बनी रहने से सरसों तेल की कीमतों में लगातार तीसरे कार्यदिवस में गिरावट दर्ज की गई।

विश्व बाजार में खाद्वय तेल में मिलाजुला रुख

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स (बीएमडी) एक्सचेंज पर जून डिलीवरी पाम तेल वायदा अनुबंध में 35 रिगिंट यानी की 0.83 फीसदी की गिरावट आकर भाव 4,201 रिंगिट प्रति टन रह गए। हालांकि सुबह के सत्र में इसके दाम 0.7 फीसदी तक तेज हुए थे।

डालियान के पाम तेल वायदा अनुबंध में 0.02 फीसदी की तेजी आई जबकि इसका सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध 0.51 फीसदी कमजोर हो गया। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें 0.63 फीसदी तक कमजोर हो गई।

मलेशियाई पाम तेल वायदा मंगलवार को सुबह के सत्र में बढ़कर खुला था, लेकिन विश्व बाजार में अधिकांश खाद्वय तेलों के दाम कमजोर होने से शाम के सत्र में इसकी कीमतों में मंदा आया।

जानकारों के अनुसार बुर्सा मलेशिया सीपीओ वायदा सुबह बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही मुनाफावसूली में इसकी कीमतों में कमी देखी गई क्योंकि अधिकांश खाद्वय तेलों के दाम कमजोर हुए। शिकागो में सोया तेल वायदा और दक्षिण अमेरिकी सोया तेल की कीमतों में कमजोरी ने पाम तेल की खरीदारी को कम कर दिया, क्योंकि प्रतिस्पर्धा के मुकाबले पाम तेल का प्रीमियम बढ़ गया।

मलेशियाई पाम ऑयल बोर्ड के अनुसार मलेशिया ने अप्रैल के लिए क्रूड पाम तेल पर अपना निर्यात कर 8 फीसदी पर ही बरकरार रखा है, लेकिन इसके संदर्भ मूल्य को बढ़ा दिया।

सरसों खल एवं डीओसी मंदी

जयपुर में मंगलवार को सरसों खल की कीमतें 10 रुपये कमजोर होकर दाम 2,490 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव 40 रुपये घटकर 2,560 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें 25 रुपये कमजोर होकर 2,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गई।

निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग कमजोर होने से डीओसी के दाम कमजोर हुए। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 500 रुपये घटकर 20,500 रुपये प्रति टन रह गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम 500 रुपये कमजोर होकर 20,300 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 500 रुपये कमजोर होकर 20,500 रुपये प्रति टन रह गए।

ग्राहकी घटने से सरसों खल की कीमतें कमजोर हुई। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में सरसों के दाम दूसरे दिन नरम हुए हैं। सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि उत्पादक राज्यों में नई सरसों की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है इसलिए इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग कमजोर होने से डीओसी की कीमतें घट गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में सरसों की दैनिक आवकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई तथा किसान माल रोक नहीं रहे हैं, जबकि उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में डीओसी के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

सरसों की दैनिक आवक बढ़ी

देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 16 लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 15.50 लाख बोरियों की ही हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 8.25 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में दो लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में दो लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में एक लाख बोरी तथा गुजरात में 75 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में दो लाख बोरियों की आवक हुई।

कॉटन वॉश की कीमतें कमजोर

विश्व बाजार में अधिकांश खाद्वय तेलों की कीमतों में आज गिरावट का रुख रहा, जबकि घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतें कमजोर हो गई। धुले में कॉटन वॉश के दाम कमजोर होकर 925 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। इस दौरान जालना में कॉटन वॉश के भाव घटकर 925 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। सिल्लोड में कॉटन वॉश की कीमतें कमजोर होकर 910 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर आ गए।

विश्व बाजार में आज अधिकांश खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में गिरावट आई, साथ ही शिकागो में सोया तेल के भाव कमजोर हो गए। जानकारों के अनुसार सोया तेल की कीमतों में हाल ही मंदा आया है, जिस कारण पाम तेल की कीमतों पर दबाव है। ऐसे में घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में अभी तेजी के आसार नहीं है।

बिनौला के साथ ही कपास खली मंदी

तेल मिलों की मांग कमजोर होने से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में घट गए। हरियाणा में बिनौले के भाव 50 रुपये कमजोर होकर दाम 2300 से 2550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 100 रुपये घटकर दाम 2300 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। बिनौला के दाम पंजाब में 50 रुपये कमजोर होकर 2300 से 2550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में मंदा आया। सेलु में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली की कीमतें 30 रुपये घटकर दाम 2,870 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान भोकर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 30 रुपये कमजोर होकर 2,870 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। शाहपुर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 30 रुपये कमजोर होकर दाम 2,870 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

तेल मिलों की खरीद कमजोर होने से बिनौला के भाव में उत्तर भारत के राज्यों में कमजोर हुए। विश्व बाजार में आज अधिकांश खाद्वय तेलों में मंदे का रुख रहा। हालांकि घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में और घटेगी, तथा घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेगी।

ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतें घट गई। व्यापारियों के अनुसार तेल मिलों को नीचे दाम पर पड़ते नहीं लग रहे, इसलिए मिलें बिकवाली तो कम कर रही है लेकिन इसमें ग्राहकी भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उत्पादक राज्यों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में हुई है, इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।

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