एडिब्ल ऑयल ट्रेड की आज कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री से बातचीत हुई। ऑफिसर्स ने तेलों की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से साफ इंकार किया, कहा की मई के चुनाव के बाद ही इस एजेंडा पर सोचेंगे।
एक रिपोर्ट में प्राइम मिनिस्टर मोदी ने भारत के Poverty गरीबी अभी तक की सबसे कम होने का दावा किया है। सवाल यह है की गरीब ही नहीं है तो तेल सस्ता क्यों बेचने को मजबूर किया जा रहा है। गरीब लोग ही नहीं है तो वह 125 रुपए किलो तेल क्यों नहीं एफोर्ड कर सकता।
सोचने की बात यह है की तेल महंगे होने से अगर कुछ लाख वोट या कुछ सीटें कम भी होती है तो बीजेपी घबराती क्यों है।