एग्री जिंसों की दैनिक रिपोर्ट 29 फरवरी 2024
चना एवं मसूर तेज, अरहर मंदी, अन्य दालों के भाव स्थिर
गेहूं के भाव स्थिर, ग्वार गम एवं सीड में गिरावट
नई दिल्ली। दिल्ली में चना के दाम 50 रुपये तेज हो गए। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में फिर मौसम खराब होने की आशंका है, इसलिए इसके भाव में तेजी आई है। हालांकि मौसम साफ होने के बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश में नई फसल की आवक बढ़ेगी, जिसे देखते हुए मिलर्स जरूरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। अत: बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, तथा मंडियों में अच्छी क्वालिटी का पुराना चना कम है। दिल्ली में राजस्थान के चना के भाव 50 रुपये तेज होकर 6,175 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि मध्य प्रदेश के चना के दाम 50 रुपये बढ़कर 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। चना की दैनिक आवक 5 से 6 मोटरों की हुई।
राजस्थान लाइन की मोठ के दाम दिल्ली में 25 रुपये तेज होकर 6,400 से 6,425 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
सोलापुर में अरहर की कीमतें 50 रुपये कमजोर हो गई। चेन्नई में बुधवार को लेमन अरहर के दाम 20 डॉलर कमजोर हुए थे। व्यापारियों के अनुसार अरहर के दाम स्टॉकिस्ट तेज करना चाहते हैं, लेकिन दाल मिलों की मांग का समर्थन नहीं मिल पा रहा। वैसे भी केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। जानकारों के अनुसार बढ़े दाम पर दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही अरहर की खरीद कर रही है। देसी अरहर की आवक उत्पादक मंडियों में अभी बनी रहेगी, साथ ही लेमन अरहर के आयात में भी आगामी दिनों में बढ़ोतरी होगी। नई फसल को देखते हुए मिलर्स भी जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। सोलापुर मंडी में नई देसी अरहर के भाव 9,500 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
आयातित उड़द की कीमतें चेन्नई में डॉलर में बुधवार को कमजोर हुई थी, लेकिन आज इसके दाम स्थिर हो गए। उड़द दाल में थोक एवं खुदरा में मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, साथ ही कृष्णा जिले में नई उड़द की आवकों में बढ़ोतरी हुई है। उधर उड़ीसा में भी नई उड़द की आवक हो रही है। केंद्र सरकार की सख्ती से उड़द की खरीद दाम मिलें केवल जरुरत के हिसाब से कर रही रही है। हालांकि खपत का सीजन होने के कारण आगामी दिनों में उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार चालू सीजन में उड़द के कुल उत्पादन अनुमान कम होने की आशंका है। इसलिए इसकी कीमतों में अब सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। चेन्नई में उड़द एसक्यू के दाम 1,080 डॉलर और एफएक्यू के दाम 1,010 डॉलर प्रति टन बोले गए।
मूंग के भाव दिल्ली में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार मूंग की कीमतों में बुधवार को तेजी आई थी, लेकिन बड़े दाम पर माग सीमित बनी रह। इसकी कीमतों में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। जहां खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में खपत राज्यों की मांग अभी बनी रहेगी, तथा खरीफ में मूंग का उत्पादन अनुमान कम हुआ। चालू रबी में बुआई में कमी हुई। वैसे भी उत्पादक राज्यों में मूंग की दैनिक आवक पहले की तुलना में कमी हुई है। हालांकि नेफेड लगातार मूंग बेच रही है। इसलिए मूंग की कीमतों में एकतरफा बढ़ी तेजी, मंदी के आसार नहीं हैं। दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के भाव 8,900 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज हो गए। मसूर की कीमतों में हाल ही में मंदा आया था। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश की मंडियों में नई मसूर की आवक शुरू हो गई है, तथा मौसम साफ रहा तो होली के बाद मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में नई मसूर की आवकों में बढ़ोतरी होगी। चालू रबी में मसूर के रिकार्ड उत्पादन का अनुमान है। हालांकि बकाया स्टॉक कम होने के कारण पुरानी देसी मसूर की आवक उत्पादक मंडियों में कम हो रही है, जबकि मसूर दाल में खपत राज्यों बिहार, बंगाल एवं असम की मांग बराबर बनी रहने की उम्मीद है। आयातक भी दाम घटाना नहीं चाहते, इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्की नरमी और आ सकती है लेकिन अभी बड़ी गिरावट के आसार अभी कम है। दिल्ली में देसी मसूर के दाम 5,950 से 5,975 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
धान के साथ ही बासमती चावल के दाम स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार राइस मिलों के पास उंचे दाम का धान है, इसलिए भाव घटाकर बिकवाली नहीं कर रही है। इसलिए इसके दाम रुकने की उम्मीद है। सिरसा मंडी में डीपी 1,401 किस्म के धान के दाम 4,000 से 4,150 रुपये तथा नरवाना मंडी में 1,718 कंबाइन के 4,000 रुपये और हाथ के 4,170 रुपये प्रति क्विंटल रहे। टोहाना में 1,121 किस्म के धान के दाम 4,370 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
गेहूं के दाम लारेंस रोड पर 2,500 से 2,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश की कुछ मंडियों में नये गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में नया गेहूं आने में अभी समय है। इसलिए इसके भाव में हल्का सुधार आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार नहीं है।
केंद्र सरकार ने ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री बंद कर दी है, तथा राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की राज्य सरकार गेहूं की खरीद पर 125 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देंगी। चालू रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 2,275 रुपये प्रति क्विंटल है। अत: राजस्थान एवं मध्य प्रदेश से गेहूं की खरीद 2,400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी।
चालू रबी विपणन सीजन में सरकार एमएसपी पर 350 लाख टन गेहूं की खरीद करेगी।
मक्का के भाव स्थिर हो गए, जबकि बुधवार को इसके दाम तेज हुए थे। व्यापारियों के अनुसार पुरानी मक्का की आवक उत्पादक मंडियों में पहले की तुलना में कम हो गई है, जबकि रबी मक्का की आवक बिहार की मंडियों में 15 से 20 दिनों के बाद शुरू होगी। इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। पंजाब के राजपुरा में फीड क्वालिटी के मक्का के भाव 2610 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
बाजरा की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। उत्पादक मंडियों में बाजरे की आवक काफी कम हो रही है, इसलिए आगे इसके भाव में सुधार आने का अनुमान है। पंजाब में पोल्ट्री फीड बाजरा का व्यापार 2440 से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
जौ के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार जौ में माल्ट कंपनियों की मांग अभी बनी रहेगी, जिस कारण इसके भाव में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। जौ का बकाया स्टॉक कम है, जबकि नई फसल मार्च, अप्रैल में आयेगी।
चीनी के दाम स्थिर बने हुए है। व्यापारी अभी चीनी में ज्यादा मंदे में नहीं है, वैसे भी आगे खपत का सीजन शुरू होगा, इसलिए चीनी में मांग बनी रहने की उम्मीद है। चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन अनुमान 333.5 लाख टन होने का अनुमान है।
सरसों के भाव नरम हुए हैं। विदेशी बाजार में आज भी खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख है। घरेलू मंडियों में नई सरसों की आवक लगातार बढ़ रही है, तथा मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में आवकों का दबाव बनेगा, वैसे भी चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में कीमतों में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। सरसों तेल और खल की कीमतों पर दबाव है।।
घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतें 2 से 10 रुपये तेज हो गई। मलेशिया में मई वायदा अनुबंध में पाम तेल की कीमतों में 35 रिगिंट की तेजी आकर भाव 3,942 रिगिंट प्रति टन हो गए। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में अभी खाद्वय तेलों की कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है, इसलिए घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतों में हल्का सुधार बनने की उम्मीद है।
सोयाबीन के दाम उत्पादक मंडियों में स्थिर बने हुए हैं। विदेश में इसके भाव में गिरावट का रुख है। इसलिए व्यापारी घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा तेजी में नहीं है। उत्पादक मंडियों में अभी दैनिक आवक बराबर बनी रहेगी है, जबकि प्लांट जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। शिकागो में सोयाबीन, सोया तेल और मील के दाम कमजोर हुए हैं।
घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतें तीसरे दिन तेज हुई हैं। विदेशी बाजार में कॉटन की कीमतों में हाल ही में आई तेजी से इसके निर्यात में पड़ते बराबर लग रहे, इसलिए स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने से घरेलू बाजार में इसके भाव में आगे इसके भाव में और सुधार आयेगा। वैसे भी आगामी दिनों में कॉटन की दैनिक आवकों में कमी आयेगी। हालांकि बढ़े दाम पर बीच, बीच में निवेशकों की मुनाफावसूली आ सकती है।
बिनौला और कपास खली के भाव कमजोर हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है, तथा आगामी दिनों में आवक और घटेगी, इसलिए आगे इसके दाम फिर बढ़ने की उम्मीद है।
ग्वार सीड और ग्वार गम के भाव में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार स्टॉकिस्टों की सक्रियता से इसकी कीमतों में तेजी आई थी, बढ़ी दाम पर प्लाटों की मांग स्थिर नहीं रह पाई। वैसे भी प्लांटों के पास ग्वार सीड का बकाया स्टॉक ज्यादा है। ग्वार गम उत्पादों की निर्यात अप्रैल से दिसंबर के दौरान पिछले साल की तुलना में कम हुआ है। इसलिए इसके भाव में एकतरफा तेजी की उम्मीद अभी नहीं है।