EdibleOils/Cake Market Report

तेल मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से सरसों में मंदा जारी

नई दिल्ली। तेल मिलों की मांग कमजोर बनी रहने के कारण घरेलू बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कार्यदिवस में सरसों की कीमतों में गिरावट जारी रही। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 50 रुपये कमजोर होकर दाम 5,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर आठ लाख बोरियों की हुई, जिसमें पुरानी सरसों की हिस्सेदारी केवल एक लाख बोरियों की है।

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा था। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में हल्का सुधार आया, लेकिन शिकागो में सोया तेल के दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में खाद्य तेलों की मौजूदा कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में नीचे दाम पर बिकवाली कम आने से लगातार तीन कार्य दिवसों की मंदी के बाद सरसों तेल की कीमतें स्थिर से तेज हुई। हालांकि इस दौरान सरसों खल के भाव कमजोर ही हुए।

व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में सोमवार को भी सरसों की दैनिक आवकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, इसलिए आगामी दिनों में नई सरसों की आवकों में और भी बढ़ोतरी होगी। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी, लेकिन इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्य तेलों के दाम पर ही निर्भर करेगी।

सरसों तेल स्थिर से तेज

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में लगातार तीन कार्य दिवसों की गिरावट के बाद सोमवार को हल्का सुधार आया। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 3 रुपये तेज होकर दाम 994 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 3 रुपये बढ़कर 984 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 982 से 985 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 995 से 1,005 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए।

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा था। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में हल्का सुधार आया, लेकिन शिकागो में सोया तेल के दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में खाद्य तेलों की मौजूदा कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में नीचे दाम पर बिकवाली कम आने से लगातार तीन कार्य दिवसों की मंदी के बाद सरसों तेल की कीमतें स्थिर से तेज हुई।

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (बीएमडी) पर मई डिलीवरी वायदा अनुबंध में पाम तेल की कीमतें 15 रिंगिट तेज होकर 3,868 रिंगिट प्रति टन पर बंद हुई। इस दौरान शिकागो में सीबीओटी सोया तेल की कीमतें 0.14 फीसदी कमजोर हुई।

सुबह के सत्र में मलेशियाई पाम तेल की कीमतें 8 रिगिंट कमजोर खुली थी, लेकिन शाम के सत्र में निवेशकों की मांग बढ़ने इसके भाव में हल्का सुधार आया। शिकागो में सोया तेल की कीमतें सुबह के सत्र में भी कमजोर खुली थी। व्यापारियों के अनुसार चालू महीने में मलेशिया से पाम उत्पादों के निर्यात में कमी आई है, जिस कारण पाम तेल की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

कांडला बंदरगाह पर सीपीओ की कीमतें 9 रुपये बढ़कर दाम 835 रुपये प्रति 10 किलो हो गए और आरबीडी पामोलीन की कीमतें 10 रुपये तेज होकर भाव 865 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। सोया तेल रिफाइंड की कीमतें 10 रुपये बढ़कर 925 रुपये प्रति 10 किलो तथा डीगम के दाम 5 रुपये बढ़कर 860 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। सूरजमुखी रिफाइंड तेल की कीमतें 10 रुपये बढ़कर 910 रुपये प्रति 10 किलो हो गईं।

सरसों खल स्थिर से नरम, डीओसी मंदी

जयपुर में सोमवार को सरसों खल की कीमतें 25 रुपये घटकर दाम 2,540 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव 2,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो रह गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें 2,580 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर बोली गई।

निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग कमजोर बनी रहने लगातार चौथे कार्यदिवस में डीओसी की कीमतें घट गई। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 500 रुपये कमजोर होकर 22,000 रुपये प्रति टन रह गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम कमजोर होकर 400 रुपये घटकर 21,800 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव घटकर 500 रुपये कमजोर होकर 22,000 रुपये प्रति टन के स्तर पर आ गए।

ग्राहकी कमजोर होने से सरसों खल की कीमतें स्थिर से नरम हो गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई सरसों की आवक लगातार बढ़ रही है, तथा सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए सरसों खल की कीमतों पर दबाव है। वैसे भी चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है।

निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग कमजोर बनी रहने से घरेलू बाजार में डीओसी के दाम लगातार चौथे कार्यदिवस में कमजोर हो गए। व्यापारियों के अनुसार सरसों की नई फसल की आवकों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है इसलिए आगामी दिनों में आवकों में और बढ़ोतरी होगी। चालू सीजन में किसान माल रोक नहीं रहे है। वैसे भी चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में अब बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

सरसों की दैनिक आवक ज्यादा

देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर आठ लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 7.25 लाख बोरियों की ही हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 3.25 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 90 हजार बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 95 हजार बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 15 हजार बोरी तथा गुजरात में 55 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 1.20 लाख बोरियों की आवक हुई। उत्पादक राज्यों की मंडियों में करीब एक लाख बोरी पुरानी सरसों की आवक हुई।

कॉटन वॉश की कीमतों में सुधार

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा, लेकिन घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में सुधार आया। धुले में कॉटन वॉश के दाम बढ़कर 855 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान औरंगाबाद में कॉटन वॉश के भाव बढ़कर 845 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। अमरावती में कॉटन वॉश की कीमतें बढ़कर 860 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर पहुंच गई।

विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा था। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में शाम के सत्र में हल्का सुधार आया, लेकिन शिकागो में सोया तेल के दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में खाद्य तेलों की मौजूदा कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है।

बिनौला के भाव स्थिर, कपास खली मंदी

तेल मिलों की सीमित मांग से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में स्थिर हो गए। हरियाणा में बिनौले के भाव 2250 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 2300 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। बिनौला के दाम पंजाब में 2200 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर हो गए।

ग्राहकी कमजोर बनी रहने के कारण कपास खली की कीमतों में गिरावट आई। पिंपलगाव में कपास खली की कीमतें कमजोर होकर 2,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान बालानगर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम घटकर 2,680 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। बीड में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम कमजोर होकर 2680 से 2,760 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

तेल मिलों की खरीद सीमित होने से बिनौला की कीमतें उत्तर भारत के राज्यों में स्थिर बनी रही। हालांकि विश्व बाजार में आज भी खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख रहा था। व्यापारी विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में घटेगी, लेकिन विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कमजोर मांग को देखते हुए तेल मिलें जरुरत के हिसाब से ही बिनौला की खरीद कर रही हैं। अत: इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

खपत केंद्रों की मांग कमजोर होने से कपास खली की कीमतें घट गई। व्यापारियों के अनुसार कपास खली में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, दूसरी और नीचे दाम तेल मिलों को भी पड़ते नहीं लग रहे हैं वहीं खपत राज्यों की मांग भी बढ़ नहीं पा रही है। इसलिए इसकी कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में हुई है, इसलिए मिलें दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहती।

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