ग्राहकी कमजोर होने से उड़द एवं मूंग के साथ ही मसूर के साथ चना में गिरावट जारी
नई दिल्ली। दाल मिलों की ग्राहकी कमजोर बनी रहने से घरेलू बाजार में सोमवार को उड़द, मूंग के साथ ही मसूर तथा चना की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा।
चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव स्थिर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी रुक गई। उड़द एफएक्यू के भाव मार्च शिपमेंट के 1,010 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,090 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,265 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में उड़द की कीमतें लगातार कार्य दिवसों की गिरावट के बाद डॉलर में स्थिर हो गई, हालांकि घरेलू बाजार में इसके दाम कमजोर हुए। पिछले सप्ताह चेन्नई में उड़द के दाम डॉलर में 30 से 35 डॉलर प्रति टन तक कमजोर हुए थे। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद केवल जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं। वैसे भी उड़द दाल में बढ़ी हुई कीमतों में खुदरा एवं थोक मांग भी सामान्य की तुलना कमजोर है। व्यापारियों के अनुसार कृष्णा जिले में नई उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है, साथ ही उड़ीसा की में भी नई उड़द की आवक बढ़ रही है। जिसका असर दलहन की कीमतों पर देखा जा रहा है। जानकारों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए इसकी कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे हैं, इसलिए आयातक दाम तेज करना चाहते हैं।
दाल मिलों की ग्राहकी सीमित बनी रहने से घरेलू बाजार में अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। चेन्नई में लेमन के दाम लगातार तीन कार्य दिवसों की गिरावट के बाद डॉलर में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार अरहर में बढ़े दाम पर दाल मिलों की मांग का समर्थन नहीं मिल पा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है, जबकि घरेलू मंडियों में जहां देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी, वहीं म्यांमार से लेमन अरहर का आयात भी आगामी दिनों में बढ़ेगा। इसलिए इसके भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है, साथ ही आयात पड़ते भी महंगे हैं, इसलिए स्टॉकिस्ट दाम तेज करने की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली में चना की कीमतों में लगातार चौथे कार्यदिवस में मंदा आया है। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में नए चने की आवक शुरू हो गई है तथा मध्य प्रदेश की मंडियों में चालू महीने के अंत तक चना की आवक बढ़ेगी, इसलिए मौजूदा भाव में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। राजस्थान में नए चना की आवक होली के बाद बढ़ेगी। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में और भी मंदा आयेगा। वैसे भी केंद्र सरकार ने चना का एमएसपी 5,440 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी, जबकि उत्पादक राज्यों में अच्छी क्वालिटी का पुराना स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है। सप्ताह भर में दिल्ली में चना की कीमतों में 225 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आ चुका है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर बने रहे।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए, जबकि आयातित के दाम स्थिर ही बने रहे। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश की मंडियों में नई मसूर की आवक बढ़ने से कीमतों पर दबाव है। उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में मौसम साफ है, इसलिए आगामी दिनों में नए मालों की आवक और बढ़ेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए हल्की नरमी और भी आ सकती है। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, इसलिए आयातक दाम घटाना नहीं चाहते। उधर उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।
देसी मूंग की कीमतें कमजोर हुई हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, साथ ही चालू रबी में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में घटी है। हालांकि उत्पादक राज्यों में मूंग की दैनिक आवक पहले की तुलना में बढ़ने लगी है, तथा मार्च में नई आवकों में बढ़ोतरी होगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में अब ज्यादा तेजी के आसार नहीं है। उधर नेफेड राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश में लगातार मूंग की बिकवाली कर रही है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम कंटेनर में 9,400 से 9,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 8,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 100 रुपये घटकर भाव 8,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 9,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 8,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम कमजोर होकर 100 रुपये कमजोर होकर दाम 10,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, इंदौर, कटनी और कानपुर में कमजोर हुई।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 10,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर से कमजोर हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,000 से 10,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मतवारा अरहर के भाव 9,000 से 9,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 100 रुपये कमजोर होकर दाम 5,900 से 5,925 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,950 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,900 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 60 रुपये कमजोर होकर भाव 6,050 से 6,075 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 60 रुपये घटकर 6,000 से 6,025 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के दाम 50 रुपये कमजोर होकर दाम 8,850 से 8,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये घटकर दाम 7,800 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।