Special Report: भारत और विदेश में सोया तेल की स्थिति अलग है-

*अमेरिका में सोयाबीन की सप्लाई ज्यादा होने से Cbot दवाब के है। अगली फसल की बिजाई भी ज्यादा होने के संकेत है, इस कारण Cbot फरवरी के 45 डॉलर डाउन हुआ है।
*अर्जेंटीना ब्राजील में नई फसल की सप्लाइज शुरू हो रही है, इस वजह से साउथ अमेरिका के सोया तेल तेजी नहीं कर रहा। नई फसल की सप्लाई डिमांड से ज्यादा है, इस वजह से तेजी की कोई जगह नहीं बन रही।
*भारत की मार्केट में सोया तेल ने अभी कुछ दिन से तेजी शुरू की है। फरवरी मे इंपोर्ट पिछले महीने के 1.89 लाख टन के बराबर ही होने के आसार है। सोया तेल पाम से सस्ता था, तो भी रिफाइनरी ने इंपोर्ट नहीं बढ़ाया। फॉरवर्ड में सोया तेल सस्ता होने से रिफाइनरी ने इंपोर्ट को सीमित रखा है। भारत की सरसों फसल की कटाई बारिश से डिले हो गई है, इसका फायदा सोया तेल को मिला है।
*नवम्बर के मिड के कांडला मूंदड़ा में सोया तेल का स्टॉक 2.67 लाख टन था, 15 फरवरी का स्टॉक 1.15 लाख टन है। पिछले दो महीने से स्टॉक लगातार कम हो रहा है। इस महीने आने वाले सारे वेसेल्स 20 तक आ चुके है। साउथ अमेरिका से मार्च में भारत के पोर्ट पर लैंडिंग वाले 2.30 लाख टन कार्गो के सभी वेसल निकल चुके है।
*रेड सी शिपिंग रूट ब्लॉक है। इस कारण वेसल को destination पहुंचने में वक्त लग रहा है। ट्रेड का अनुमान है कि 15 मार्च तक कुछ ही वेसल पोर्ट पर रिपोर्ट करेंगे। इस कारण सेंटीमेंट्स गर्म हो रहे है। 17 फरवरी तक कांडला में सोया रिफाइंड में कोई विशेष चहल पहल नहीं थी, पिछले सप्ताह कांडला में रिफाइंड 4 से 5 रुपए किलो तेज हुआ है।

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